Showing posts with label Nostalgia. Show all posts
Showing posts with label Nostalgia. Show all posts

Tuesday, February 08, 2011

तारीख

कमरे की सफ़ेद दीवार पे
एक पुराना कैलेंडर टंगा हुआ है
और उन् कागज़ के पन्नो में
सिमटी हुई हैं कुछ यादें

वो घड़ियाँ तो बीत गयी
पर उन् लम्हों की महक ताज़ा है
चाहे जनवरी की ठण्ड में ठिठुरती यादें हो
या जून की गर्मी में झुलसती हुई

कुछ तारीकें
पेंसिल से काटी हुई हैं
उस इंतज़ार की याद में
जो कभी पूरा नहीं हुआ

अखबारवाले के हिसाब से लेकर
कुछ चुनिन्दा लोगों के जन्मदिन तक
सब इस पुराने कैलेंडर के भरोसे ही तो
याद रहता था मुझे

जब भी इस कैलेंडर को देखता हूँ
लगता है जैसे वक़्त थम गया है
महसूस होता है जैसे
बीती तारीखें वापस लौट आई हैं

एक सुकून मिलता है दिल को
के बीता हुआ कल जाते जाते
कुछ सुनहरी तारीखों की
यादें छोड़ गया है